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पहाड़ पर शरण ली फिर आया आखिरी फोन नेपाल बाढ़ में परिवार की तलाश जारी
Ratna Netam
29 Aug 2026 2:05 PM IST

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भोपाल। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक परिवार पर ऐसा कहर बरपाया है कि हर आंख नम है। भोपाल के एक ही परिवार और उनके रिश्तेदारों के कुल 29 लोग नेपाल की गोसाईकुंड तीर्थ यात्रा के दौरान बाढ़ की चपेट में आने के बाद लापता हो गए हैं। परिवार वालों के पास आखिरी बार एक फोन कॉल आई थी, जिसमें अपनों ने बेहद डरावनी आवाज में कहा था— **“अब हम नहीं बचेंगे, हमारे बच्चों का ख्याल रखना।”** इसके बाद फोन तो जुड़ा रहा, लेकिन दूसरी तरफ से आवाज आनी बंद हो गई।
इस दर्दनाक घटना के बाद भोपाल में रहने वाले परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार लगातार नेपाल में फंसे अपने लोगों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। सभी को उम्मीद है कि शायद कोई चमत्कार हो और उनके अपने सुरक्षित लौट आएं।
गोसाईकुंड यात्रा पर गया था पूरा परिवार
जानकारी के अनुसार, भोपाल के कोलार क्षेत्र में रहने वाले परिवार के 29 सदस्य नेपाल के रसुवा जिले स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गोसाईकुंड की यात्रा पर गए थे। यह सभी लोग आपस में रिश्तेदार थे और सावन पूर्णिमा के मौके पर दर्शन के लिए नेपाल पहुंचे थे। यात्रा में परिवार के कई दंपती और अन्य सदस्य शामिल थे।
परिवार वालों के मुताबिक, जब ये लोग नेपाल के पहाड़ी इलाके में थे, तभी अचानक मौसम बिगड़ गया और बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ने लगा। खतरे को देखते हुए सभी लोग अपनी बस और सामान छोड़कर सुरक्षित जगह की तलाश में भागने लगे।
जान बचाने के लिए पहाड़ी पर चढ़े
परिजनों ने बताया कि बाढ़ आने की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग किसी तरह अपनी जान बचाकर ऊंची जगह की ओर भागे। उन्होंने एक पहाड़ी पर पहुंचकर एक स्थानीय व्यक्ति के घर में शरण लेने की कोशिश की, लेकिन बाढ़ का पानी वहां भी पहुंच गया।
इसके बाद उन्होंने भोपाल में अपने परिवार को फोन किया और अपनी स्थिति बताई। उन्होंने बताया कि उनकी बस बह चुकी है और वे एक मकान की छत पर फंसे हुए हैं।
देवकी अधिकारी ने बताया कि आखिरी फोन कॉल में परिवार के लोगों ने कहा था कि **“मकान आधा डूब चुका है, अब हम लोग नहीं बच पाएंगे, हमारे बच्चों का ध्यान रखना।”** बातचीत के दौरान फोन लाइन जुड़ी रही, लेकिन अचानक दूसरी तरफ से आवाज आनी बंद हो गई।
आखिरी कॉल के बाद परिवार में मचा कोहराम
26 अगस्त की सुबह करीब साढ़े 9 बजे हुई इस आखिरी बातचीत के बाद से 29 लोगों का कोई पता नहीं चल पाया है। परिवार लगातार फोन मिला रहा है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। न तो यात्रियों की कोई जानकारी मिली है और न ही उनकी बस का पता चल पाया है।
परिजनों का कहना है कि बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन लोगों के माता-पिता और रिश्तेदार नेपाल गए थे, वे अब हर पल किसी अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं।
राहत और बचाव अभियान जारी
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन और बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य चला रही हैं। हालांकि पहाड़ी इलाकों में रास्ते टूटने और संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने के कारण बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
भारत सरकार और स्थानीय प्रशासन भी नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और उनकी मदद के लिए प्रयास कर रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने भी प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
परिजनों की सरकार से गुहार
भोपाल में मौजूद परिवार ने सरकार से अपील की है कि नेपाल प्रशासन के साथ मिलकर जल्द से जल्द उनके परिजनों का पता लगाया जाए। उनका कहना है कि हर गुजरता हुआ पल उनकी चिंता बढ़ा रहा है।
परिवार के लोगों को अब सिर्फ एक फोन कॉल का इंतजार है, जो उन्हें यह बता सके कि उनके अपने सुरक्षित हैं। नेपाल की बाढ़ में लापता हुए इन 29 लोगों की तलाश जारी है और पूरा परिवार उनकी सलामती की दुआ कर रहा है।
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